नशीले दवाओं के लेने से बढ़े एचआईवी एड्स बढ़े मामले
त्रिपुरा
त्रिपुरा पुलिस ने को उत्तरी त्रिपुरा जिले के दमचेरा में 2 किलो से ज़्यादा हेरोइन के साथ एक पुलिस कांस्टेबल समेत दो लोगों को गिरफ़्तार किया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 177 प्लास्टिक के डिब्बों में छिपाकर रखी गई जब्त हेरोइन की अवैध दवा बाजार में कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार लोगों की पहचान सिपाहीजाला जिले के पुलिस कांस्टेबल साहिदुल रहमान और जसीमुद्दीन के रूप में हुई है।
उत्तरी त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक भानुपद चक्रवर्ती ने कहा, “हम उन्हें मंगलवार को अदालत में ले गए और अदालत ने उन्हें अगले सात दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया।”
इस साल मार्च में साहा ने राज्य में एचआईवी और एड्स के मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने बताया कि छात्रों और युवाओं में विशेष रूप से नसों के माध्यम से दी जाने वाली दवाओं के इस्तेमाल में चिंताजनक वृद्धि हुई है और हर महीने एचआईवी और एड्स के 150-200 नए मामले सामने आ रहे हैं।
सीएम साहा ने कहा कि इस साल जनवरी तक सरकार के पास पंजीकृत एचआईवी और एड्स के रोगियों की कुल संख्या 5,330 थी, जिसमें 1,033 महिलाएं और 558 छात्र शामिल थे। उन्होंने हाल ही में नशीली दवाओं के खतरे को दोहराया और शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक क्लबों से स्थिति पर बारीकी से नज़र रखने का आग्रह किया।
सरकार ने खोले नशा मुक्ति केन्द्र
नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने पहले ही आठ जिलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित कर दिए हैं, जबकि हाल ही में निजी नशा मुक्ति एवं परामर्श केंद्र भी खुलने शुरू हो गए हैं।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, तस्करी और नशीले पदार्थों के रिसाव को रोकने के लिए त्रिपुरा-मिजोरम अंतरराज्यीय सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जबकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) त्रिपुरा से लगी 856 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी रख रही है।









