सुकमा/ कौशल संदुजा
जिला सुकमा में सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज जगदलपुर (छ.ग.), कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आंनद सिंह राजपुरोहित, उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्ग-दर्शन एवं किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, नवीन कुमार, कमाण्डेन्ट 223 वाहिनी सीआरपीएफ के निर्देशन तथा नितिन कुमार, अजित सिंह नेगी, द्वेय द्वितीय कमान अधिकारी 223 वाहिनी सीआरपीएफ, निखिल राखेचा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा, आकाश राव गिरेपूंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति ’’ एवं ‘‘ नियद नेला नार’’ योजना के तहत अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर प्रतिबंधित नक्सल संगठन में सक्रिय 01. नक्सली मड़कम जोगा पिता मड़कम भीमा (मिलिशिया सदस्य, मोरपल्ली) उम्र लगभग 22 वर्ष निवासी मोरपल्ली थाना चिंतलनार जिला सुकमा (छ0ग0) के द्वारा दिनांक 18.07.2024 को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में परमेश्वर तिलकवार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सुकमा एवं निरीक्षक आत्म प्रकाश, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। नक्सली को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल की टीम एवं 223 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है।
आत्मसमर्पित नक्सली नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गो में स्पाईक लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध में नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाना आदि घटनाओं में शामिल रहा है।
उक्त आत्मसमर्पित नक्सली को शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराया जायेगा।









