सरगुजा: सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरडांड में जादू-टोना के शक में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। उसकी सड़ी-गली लाश स्कूल के पीछे सेप्टिक टैंक में पाई गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
हत्या की वजह और आरोपियों की गिरफ्तारी: सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम रतनपुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सामलिया पैकरा (49) की लाश 26 जुलाई को मिली थी। वह 22 जुलाई से लापता थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। एएसपी अमोलक सिंह के अनुसार, सामलिया पैकरा का कॉल रिकार्ड खंगालने पर उसकी बातचीत चलगली निवासी अंकित उर्फ़ संतोष यादव (49) से हो रही थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि उसने अरविन्द पैकरा (29), समित पैकरा (24) और एक नाबालिग के कहने पर सामलिया से बात की थी।
हत्या की साजिश: एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि अरविन्द पैकरा के परिवार में हाल ही में कुछ असामयिक मौतें हुई थीं, जिससे उसे शक था कि सामलिया जादू-टोना करती है। अरविन्द ने इस शक के चलते सामलिया की हत्या की साजिश रची। आरोपी अंकित उर्फ़ संतोष यादव ने खुद को महिला एवं बाल विकास कार्यालय का बाबू बताकर सामलिया को अंबिकापुर बुलाया। 22 जुलाई को अरविन्द ने अपने बोलेरो वाहन में अंकित और नाबालिग को सामलिया को मंगारी, सीतापुर से लाने भेजा। सामलिया को दिनभर गाड़ी में घुमाने के बाद शाम को उसे शराब पिलाई और रात को सेमरडांड स्कूल के पीछे ले गए, जहां अरविंद और समित ने सामलिया की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ धारा 103(1), 238, 3(5) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई की गई है। घटना में इस्तेमाल बोलेरो वाहन और बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है।









