सुकमा ।
खरीफ सीजन के आगाज के साथ ही सुकमा जिले में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन ने दूरस्थ अंचलों तक पहुंच बनाकर खेती के समय की महत्ता को प्राथमिकता दी है। सुकमा जिले में प्रशासन की इस सक्रियता ने किसानों के भीतर बेहतर फसल उत्पादन का भरोसा जगाया है।
प्रशासन की सक्रिय पहल
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले के अंतिम छोर तक खाद और उन्नत बीजों की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। जिला प्रशासन की इस मुहिम से किसानों को बोआई से पहले ही सभी जरूरी संसाधन सुलभ हो गए हैं, जिससे वे बिना किसी मानसिक और आर्थिक बाधा के खरीफ की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं।
ऋण से मिली राहत
रानीबहाल गांव के किसान हड़मा राम मरकाम के पास 32 एकड़ कृषि भूमि है। उन्हें छिंदगढ़ सहकारी समिति के जरिए 3.50 लाख रुपये का कृषि ऋण मुहैया कराया गया है। मरकाम के अनुसार, समय पर मिले इस कर्ज और खाद-बीज की उपलब्धता से खेती का काम बिना किसी रुकावट के शुरू हो सका है, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।
कालाबाजारी पर कड़ा पहरा
कृषि आदानों की सुचारू आपूर्ति के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। खाद-बीज की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है और उन्हें उचित मूल्य पर कृषि सामग्री उपलब्ध हो रही है।









