बीजापुर (कौशल संदुजा)।
तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ राज्य से सटे इलाकों में तेंदुए की खाल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। तेंदुए की खाल छत्तीसगढ़ से तेलंगाना बेचने के लिए ले जाई जा रही थी। आरोपी की पहचान भोपालपटनम के उल्लूर गांव के निवासी जदी महेंद्र पिता रमैया, उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब तेलंगाना पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से वाहन जांच अभियान चलाया।
पुलिस के अनुसार, अटुरनगरम के एएसपी शिवम उपाध्याय, वेंकटपुरम के सीआई बंडारी कुमार, ए. इपेरुजी, कृष्णप्रसाद और एफआरओ वाजेदु बी चंद्रमौली के नेतृत्व में चंद्रौपाटला (कैस रोड) पर दोपहर करीब दो बजे मोटरसाइकिल की जांच की गई। इस दौरान आरोपी जदी महेंद्र के पास एक भूरे रंग का बैग पाया गया, जिसमें तेंदुए की खाल बरामद हुई। एफआरओ वाजेदु बी चंद्रमौली ने तेंदुए की खाल को तुरंत असली पहचानते हुए महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह छत्तीसगढ़ से तेंदुए की खाल तेलंगाना में बेचने की योजना बना रहा था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने महेंद्र से तेंदुए की खाल के अलावा, सैमसंग पैड मोबाइल फोन, एक अपंजीकृत हीरो स्प्लेंडर प्लस (सिल्वर रंग) मोटरसाइकिल, और अन्य सामान जब्त किया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को आगे की जांच के लिए वन विभाग को सौंप दिया है।
वन विभाग की विफलता उजागर
इस घटना ने एक बार फिर से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजापुर के आईटीआर उपनिदेशक संदीप बगला ने बताया कि उन्हें तेलंगाना पुलिस द्वारा एक व्यक्ति के खाल के साथ पकड़े जाने की सूचना मिली है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक ऑफिसियल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। संदीप बगला ने कहा कि जब तक लैब परीक्षण नहीं हो जाते, यह कहना मुश्किल होगा कि खाल मादा तेंदुए की है या नर की।
कुछ महीने पहले भी तेलंगाना के चेंनूर इलाके के पास छत्तीसगढ़ के एक अन्य आरोपी को तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया था, लेकिन उस मामले का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
तेलंगाना मीडिया में मादा तेंदुए की खाल बरामदगी की खबरें जोर-शोर से प्रसारित हो रही हैं, जिससे इस घटना की गंभीरता और बढ़ गई है।









