जगदलपुर (कौशल संदुजा)।
बस्तर जिले के कोलेंग क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुण्डागढ़ में अज्ञात बीमारियों के कारण ग्रामीणों की लगातार मौतें हो रही हैं। इस दुखद स्थिति के मद्देनजर आज बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य और पूर्व विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोलेंग पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और ग्रामीणों से बीमारी के बारे में जानकारी ली।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और पूर्व विधायक रेखचंद जैन द्वारा मामले को संज्ञान में लाए जाने के तीन दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोलेंग के मुंडागढ़ में कैंप लगाकर ग्रामीणों का इलाज शुरू किया। सुशील मौर्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में छोटे-छोटे धार्मिक विवादों पर पूरा प्रशासनिक अमला तुरंत पहुंच जाता है, लेकिन इस अज्ञात बीमारी से हो रही मौतों पर अब तक किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को केवल कागजों पर बजट आवंटित किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर जिला स्वास्थ्य विभाग को बजट नहीं मिल रहा है। इससे अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों और दवाओं की कमी हो रही है। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार की हाट बाजार क्लीनिक योजना भी ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रही है, क्योंकि गाड़ियों के लिए डीजल-पेट्रोल की कमी के कारण ग्रामीण इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
सुशील मौर्य ने डीएमएफ की नई नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके कारण स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नई केंद्रीय नीति डीएमएफ के चलते कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की स्थिति और खराब हो गई है। बस्तर प्राधिकरण के गठन के बाद अब तक एक भी बैठक न होना साय सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
महामंत्री अल्ताफ उल्ला खान, उपाध्यक्ष हेमू, परमजीत जसवाल, नीलम कश्यप, शादाब अहमद, विजेंद्र ठाकुर, जनपद सदस्य मानूराम नाग, बलीराम समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद थे।









