- छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय रामधुनी महोत्सव का आयोजन
- कौशिल्या साय ने दी संस्कृति बचाने का संदेश
रिसाली (रोहितास सिंह भुवाल)।
प्राचीन बेकुठधाम मंदिर समिति, नेवई द्वारा रविवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रामधुनी महोत्सव प्रतियोगिता और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशिल्या साय थीं। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय कला और संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि गांव की माटी में ही सच्चा प्यार मिलता है और हमें मिलकर अपनी कला और संस्कृति को बचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “कर्म करने से पहले धर्म का पालन जरूरी है, और हमेशा आपका आचरण अच्छा होना चाहिए। महिलाओं के सिर पर हमेशा पल्लू रहना चाहिए।”
कार्यक्रम के दौरान कौशिल्या साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की “महतारी वंदन योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार हर महीने महिलाओं के बैंक खाते में 1,000 रुपये जमा करती है, जो कई बार लाख के बराबर हो जाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दुर्ग ग्रामीण के विधायक और राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि काम करने वालों का हमेशा मान-सम्मान होता है। उन्होंने सरकार की विभिन्न वर्गों के विकास के लिए की जा रही योजनाओं की सराहना की और कहा कि अंत्योदय के सपने को साकार करने के लिए प्रयास जारी हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में दूर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल, विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन, प्रदेश मंत्री भाजपा ओजस्वी मंडावी, जिलाध्यक्ष भाजपा जितेन्द्र वर्मा और दीपक (पप्पू) चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि शैलेन्द्र शेन्डेज, रिसाली मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र शेंडे भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का स्वागत भाषण डा. आर एस बारले ने दिया। उन्होंने बेकुठधाम मंदिर को छत्तीसगढ़ पर्यटन में शामिल करने और समिति को 25 लाख रुपये मुख्यमंत्री से प्रदान करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर भागवत बुंदेला, राजु लाल नेताम, भूपेंद्र साहू, कविता वासनिक, हेमा धनकर, शत्रुघन धनकर, ममता सिन्हा, सोनुराम सिंह, शैलेन्द्र साहू, निगम सिंह, गजेन्द्री कोठारी, ब्यास नरायाण वर्मा, पार्षद सोनिया देवागन, नवीन सिन्हा, रेखा देवी और ईस्वरी साहू भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।










