लोहंडीगुड़ा (कौशल संदुजा)।
विकासखंड लोहंडीगुड़ा के ग्राम लामड़ागुड़ा में संचालित कस्तूरबा कन्या आश्रम की एक बालिका पिछले तीन दिनों से लापता है। यह घटना तब सामने आई जब आश्रम की अधीक्षिका, कस्तूरबा कन्या आश्रम की अधीक्षिका ने न तो पुलिस को इस संबंध में सूचित किया और न ही बच्ची के परिजनों को जानकारी दी।
बच्ची की अनुपस्थिति के तीन दिन बाद, जब परिजन आश्रम पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बेटी तीन दिन से गायब है। आश्रम की अधीक्षिका और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा इस मामले को दबाए रखने की गंभीरता अब सामने आ रही है।
गायब हुई बच्ची के बारे में जानकारी लेने के लिए लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र के टीआई, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी आज लामड़ागुड़ा कन्या आश्रम पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आश्रम की अधीक्षिका और गायब बच्ची की सहपाठियों से पूछताछ की। इस बीच, बच्ची की तलाश के लिए परिजन कलेक्टर के पास भी गुहार लगाने पहुंचे।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर मामले की निंदा करते हुए, बच्ची के गायब होने के पीछे जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कलेक्टर से की है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के आदिवासी छात्रावासों और कन्या आश्रमों से छात्राओं के गायब होने, उनके शोषण और दुराचार की घटनाएं आम हो गई हैं। हाल ही में बीजापुर जिले से एक छात्रावासी छात्रा के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने का मामला भी सामने आया था। इसके अलावा, छात्राओं से छात्रावास और आश्रम परिसर में झाड़ू-पोंछा करवाने, कपड़े धुलवाने और उन्हें सड़ी-गली सब्जी तथा घटिया चावल पकाने के मामले भी सामने आए हैं।









