



आगरा।
हिमाचल प्रदेश की मंडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आगरा की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ किसान आंदोलन और महात्मा गांधी के बारे में दिए गए विवादास्पद बयानों पर नोटिस जारी कर उन्हें अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कंगना के खिलाफ यह मामला अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में दायर किया था, जिसकी सुनवाई मंगलवार को हुई।
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कोर्ट में दायर किए गए मुकदमे में कंगना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अगस्त 2024 में दिए एक बयान में किसानों के आंदोलन पर विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे किसानों का अपमान हुआ है। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान “हत्याएं और बलात्कार” हो रहे थे, और यदि उस समय देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता, तो भारत में “बांग्लादेश जैसे हालात” उत्पन्न हो जाते। शर्मा ने कहा कि इन बयानों से करोड़ों किसानों की छवि को ठेस पहुंची है।
इसके अतिरिक्त, कंगना ने 2021 में महात्मा गांधी के बारे में एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “गाल पर थप्पड़ खाने से भीख मिलती है, आजादी नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत को असली आजादी 2014 के बाद मिली है। इसके साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान इसे “खालिस्तानी आतंकवादियों” द्वारा संचालित बताया था, जिसके बाद कंगना को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।





