सुकमा (कौशल संदुजा)।
जिला सुकमा के क्षेत्र में सक्रिय 01 लाख ईनामी नक्सली ने छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सलियों के शोषण, अत्याचार और अमानवीय विचारधारा से तंग आकर नक्सली सदस्य ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
नक्सली संगठन में सक्रिय सदस्य सुधाराम सोड़ी (पिता स्व. रामा), उम्र 44 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी कामाराम थाना चिंतलनार जिला सुकमा, जो कामाराम आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष पद पर थे और जिन पर 01 लाख रुपये का इनाम था, ने दिनांक 25 नवंबर 2024 को बिना हथियार के पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स मनीष रात्रे के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
शासन की नीतियों से प्रभावित होकर लिया फैसला:
सुकमा जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रही ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से प्रेरित होकर सुधाराम सोड़ी ने आत्मसमर्पण किया। पुलिस द्वारा लगातार अति-संवेदनशील क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे सुरक्षा कैम्पों ने नक्सलियों पर दबाव बढ़ाया है। इसके साथ ही, बाहरी नक्सलियों द्वारा किए जा रहे भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार से तंग आकर सुधाराम ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित नक्सली को पुनर्वास सहायता:
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सुधाराम सोड़ी को ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे वह समाज में पुनः अपनी पहचान बना सकें।










