दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत कमिश्नर सुमित अग्रवाल के निर्देश पर अब डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। निगम ने बड़ा फैसला लिया है और कहा है कि यदि डेयरी संचालक नालियों में गोबर बहाते हैं, तो उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें डेयरी व्यवसाय संचालित करने वाले और पशुपालन से जुड़े व्यक्ति शामिल हुए।
बैठक में भवन अधिकारी गिरीश दीवान, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, अतिक्रमण अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, बाजार अधिकारी थानसिंह यादव और सहायक राजस्व निरीक्षक शशिकांत यादव भी उपस्थित रहे।
नगर निगम ने डेयरी संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि पशुओं को खुले में छोड़ने से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर सचेत किया गया है। खुले में छोड़े गए पशु दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर आवागमन बाधित हो सकता है। अधिकारियों ने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे चरवाहा नियुक्त करें और खुले में पशुओं को न छोड़ें।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि डेयरी संचालक गोबर उठाने की व्यवस्था करें और पशुओं के गले में रेडियम पट्टी लगवाएं, जिसमें मालिक का मोबाइल नंबर भी लिखा हो, ताकि पशु खोने पर मालिक का पता चल सके। साथ ही, पशुओं का बीमा और टेगिंग भी आवश्यक है।
इस बैठक में अधिकारियों ने पशु क्रूरता नियमों के बारे में भी जानकारी दी और यह स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










