रायपुर (सत्यानंद सोई)।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग, रायपुर में एक शिकायत आवेदिका द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने अनावेदकगणों के खिलाफ आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर 12 दिसंबर 2024 को आयोग में प्रकरण की सुनवाई हुई।
आवेदिका अर्पणा इंगोले ने बताया कि उनके पति किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका इलाज विवाह से पूर्व से ही चल रहा था। आरोप है कि अनावेदकगणों ने बीमारी के बारे में जानकारी छुपाकर और झूठ बोलकर उनका विवाह कराया था। आवेदिका के पास कोई आय का स्रोत नहीं है, लेकिन फिर भी वह अपने पति का इलाज करवा रही हैं, जिसके लिए अनावेदक पक्ष ने कोई मदद नहीं की।
आवेदिका के मायके वाले भी आर्थिक समस्याओं के कारण पिछले दो महीनों से उनका सहयोग करने में असमर्थ हैं। इस स्थिति में आवेदिका के लिए अपने पति का इलाज कराना मुश्किल हो गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्यगणों ने मानवीय आधार पर आवेदिका को शासकीय सहायता दिलाने के लिए सहमति दी। आयोग ने मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजकर आवेदिका अर्पणा इंगोले के पति के इलाज के लिए निःशुल्क उपचार और एक लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की अनुशंसा की।
इस पहल से महिला आयोग ने समाज में मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता दी है और महिला अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
[pdf_embed url=”https://omdarpan.com/wp-content/uploads/2025/01/03-jan-2025-se-09-jan-2025-varsh-20-omdarpna-10-.pdf”]










