दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन वरिष्ठ किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन के 56 दिनों तक जारी रहने की गंभीर स्थिति पर आधारित है। ज्ञापन में दल्लेवाल की बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त की गई है।

आंदोलन की प्रतिबद्धता:
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पहले ही MSP गारंटी कानून की मांग को वर्ष 2021 में प्रस्तावित किया था। संगठन ने इस कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह कानून न केवल किसानों के हित में है, बल्कि एम.एस. स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों का भी पालन करता है।
प्रधानमंत्री और सरकार का समर्थन:
संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी ने भी MSP गारंटी कानून का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन किया था।
दल्लेवाल की सेहत पर चिंता:
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की बिगड़ती सेहत को लेकर राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने सभी सामाजिक संगठनों और विचारशील नागरिकों से सहयोग की अपील की है। संगठन का कहना है कि दल्लेवाल के प्राण रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
यह जानकारी प्रदीप कुमार दलाई, संयोजक, राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रेस के माध्यम से साझा की गई।
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