
मुंबई।
पूर्व कांग्रेस विधायक बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद उनके बेटे जीशान सिद्दीकी ने पुलिस को बयान में कई चौंकाने वाली बातें साझा की हैं। जीशान ने पुलिस से यह कहा कि उनके पिता का नाम आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नामांकित नेताओं की सूची में था, लेकिन इससे पहले उनकी हत्या कर दी गई।
जीशान सिद्दीकी ने बताया कि उनके पिता, जो विभिन्न बड़े नेताओं से जुड़े थे, अपनी दैनिक गतिविधियों को डायरी में लिखते थे। उन्होंने अपनी हत्या के दिन, 12 अक्टूबर 2024 को, डायरी में बीजेपी नेता मोहित कंबोज का नाम देखा था। जीशान ने यह भी बताया कि मोहित कंबोज से उनके पिता का संपर्क शाम 5:30 से 6:00 बजे के बीच हुआ था।
सिद्दीकी ने दावा किया कि मोहित कंबोज बांद्रा ईस्ट में एक स्लम पुनर्विकास परियोजना को लेकर उनके पिता से मिलना चाहते थे। उन्होंने एक वीडियो भी प्राप्त किया था, जिसमें बाबा सिद्दीकी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जब वह स्लम के निवासियों से बातचीत कर रहे थे।
इस बयान में जीशान ने शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अनिल परब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अनिल परब और अन्य बिल्डर्स स्लम पुनर्वास योजनाओं को लेकर लोगों को एक अच्छे बिल्डर से संपर्क करने का आश्वासन दे रहे थे, जबकि उनके पिता इन परियोजनाओं के बारीक प्रिंट को समझाने के लिए झुग्गीवासियों को जागरूक कर रहे थे।
जीशान ने कहा कि उनके पिता की हत्या के दिन वे शाम 6 बजे अपने ऑफिस पहुंचे थे और 9 बजे के बाद जब वे एक रेस्तरां में थे, तब उन्हें पार्टी के कार्यकर्ताओं से उनके पिता पर गोलीबारी की खबर मिली। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचे, जहां उनके पिता को आईसीयू में भर्ती किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जीशान ने इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की है, विशेष रूप से स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के संबंध में।









