
सुकमा (कौशल संदुजा)।
सुकमा जिले के आदिवासी युवाओं और युवतियों को जागरूक करने के लिए सीआरपीएफ की 2 रीं बटालियन द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कमाण्डेन्ट रति कान्त बेहेरा की अगुवाई में, इन युवाओं को 16 वीं ट्राईवल यूथ एक्सचेन्ज प्रोग्राम के तहत राजस्थान के जयपुर शहर का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को न केवल जयपुर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना था, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र में विकास के लिए प्रेरित करना भी था।
सीआरपीएफ ने नेहरू युवा केन्द्र संगठन के साथ मिलकर सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे जगरगुंडा, चिंतागुफा, फुलवगरी, दोरनापाल, केरलापाल, इंजरम, डुब्बाकोन्टा, पुनपल्ली, गोलापल्ली, और गादीरस गांवों से 30 युवाओं और युवतियों को जयपुर भेजा। इस यात्रा में 6 युवक और 24 युवतियां शामिल थीं। उन्हें जयपुर के प्रमुख स्थलों जैसे हवामहल, आमीर किला, जल महल, गर्वनर हाउस, विधान सभा, जंतर मंतर, पैलेस सिटी, अनंतपुर, और आरएएफ कैम्प का भ्रमण कराया गया।
यात्रा के दौरान, युवाओं को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराया गया और राज्यपाल महामहिम हरिभाऊ बागडे से मिलने का भी अवसर मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में सुकमा के रायचन्द्र सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और उन्हें नगद पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
यात्रा से लौटने के बाद, युवाओं ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इस यात्रा से उन्हें देश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आदिवासी युवाओं को अपने देश की असल तस्वीर देखने का अवसर मिलता है, और वे अपने क्षेत्र में विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं।
रति कान्त बेहेरा, कमाण्डेन्ट 2 रीं बटालियन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस यात्रा के अनुभवों को साझा करना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपने क्षेत्र में बदलाव ला सकें। इस अवसर पर 2वीं वाहिनी के पवन कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी, अनामी शरण, द्वितीय कमान अधिकारी, डॉ. नितेश नानाजी, राजेन्द्र कुमार, सहायक कमाण्डेन्ट, राजीव कुमार, सहायक कमाण्डेन्ट और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।









