
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थियों को वनस्पति जगत की व्यवहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से पौधशाला, पी. वी. आर. नर्सरी, करंजा, भिलाई में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को नर्सरी में उगाए जा रहे विभिन्न प्रकार के सजावटी, औषधीय, माँसल, फलदार व सब्जी उत्पादक पौधों, काष्ठीय वृक्षों और बीज रहित फलों के पौधों की विस्तृत जानकारी दी गई।
नर्सरी प्रबंधन और आधुनिक वनस्पति तकनीकों की जानकारी
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नर्सरी की कार्यप्रणाली को समझाने और उन्हें आधुनिक वनस्पति तकनीकों व कृषि सुधारों से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ग्राफ्टिंग की प्रक्रिया, उन्नत पौध उत्पादन की नवीन तकनीकों, बीज पैकिंग व अंकुरण की प्रक्रिया के साथ ही रोग मुक्त पौधे और ड्वार्फ पौधे तैयार करने की विधियों को भी सीखा।
इस शैक्षणिक भ्रमण में नर्सरी के संस्थापक विपुल परमार का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में वनस्पति शास्त्र विभाग की प्राध्यापक डॉ. आकांक्षा जैन, युक्ति नोन्हारे और रोशन नोन्हारे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पौधशाला में व्यावहारिक ज्ञान अर्जित किया।









