
जगदलपुर।
बस्तर राजपरिवार में दशकों बाद आयोजित हुई शाही शादी की चर्चा पूरे बस्तर में जोरों पर है। बस्तर राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव अपनी दुल्हन संग शुक्रवार को जगदलपुर लौटे, जहां उनका राजसी अंदाज में स्वागत किया गया।
शाही बारात का भव्य नजारा
कमलचंद्र भंजदेव की बारात परंपरागत शाही ठाठ-बाठ के साथ निकाली गई। बारात में हाथी, घोड़े और ऊंट राजपरिवार के शाही चिन्ह लेकर चल रहे थे। सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने नवदंपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। बग्घी में सवार कमलचंद्र भंजदेव ने भी हाथ जोड़कर सभी का आभार व्यक्त किया।
राजमहल में शानदार स्वागत
बारात शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बस्तर स्टेट पैलेस पहुंची, जहां परिवार के सदस्यों ने नवविवाहित जोड़े का भव्य स्वागत किया। इससे पहले, 20 फरवरी को कमलचंद्र भंजदेव विशेष चार्टर्ड प्लेन से मध्य प्रदेश के नागौद राजमहल पहुंचे थे, जहां उनकी शादी का भव्य आयोजन किया गया। शादी के बाद, विशेष विमान से ही बारात जगदलपुर वापस लौटी।
107 साल बाद बस्तर राजपरिवार में विवाह
बस्तर राजपरिवार में यह शादी ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि लगभग 107 वर्षों के बाद राजमहल से शादी की बारात निकली। इससे पहले, पूर्व महाराजा रुद्रप्रताप देव की बारात निकाली गई थी। इस खास अवसर पर देशभर से गणमान्य अतिथि और राजघरानों से जुड़े लोग जगदलपुर पहुंचे थे।
यह शाही शादी बस्तर की परंपरा और गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करती है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।









