
- आरुषि निशंक, हिमश्री फिल्म्स, भारतीय लोककथाएं, तारिणी फिल्म
मुंबई। भारतीय सिनेमा में जहां हाल के वर्षों में लोककथाओं और पारंपरिक गाथाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं आरुषि निशंक अपनी प्रोडक्शन कंपनी हिमश्री फिल्म्स के माध्यम से इस दिशा में नई पहल कर रही हैं। उन्होंने हॉटस्टार के शो ‘लाइफ हिल गई’ के साथ सफलतापूर्वक कदम रखा और अब बड़े बैनर्स के साथ जुड़कर भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आरुषि निशंक कहती हैं,
“हमारी दादी-नानी की कहानियां हमें मूल्य और संस्कार सिखाती थीं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण ये कहानियां धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें बड़े पर्दे पर जीवंत किया जाए, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े।”
हिमश्री फिल्म्स की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं
हिमश्री फिल्म्स के बैनर तले कई प्रमुख परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। हालांकि, इनमें से कई प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इनमें से सबसे चर्चित फिल्म ‘तारिणी’ है।
‘तारिणी’ भारतीय नौसेना की उन छह बहादुर महिला अधिकारियों की कहानी है, जिन्होंने समुद्री अभियान में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। यह फिल्म प्रसिद्ध लेखक और गीतकार प्रसून जोशी व कवि कुमार विश्वास द्वारा लिखी गई है और इसे एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के सहयोग से बनाया जा रहा है।
यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी, क्योंकि यह न केवल महिला सशक्तिकरण को दर्शाएगी, बल्कि भारतीय नौसेना की वीरता और जज्बे को भी उजागर करेगी।
लोककथाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास
इसके अलावा, आरुषि निशंक उत्तराखंड में एक अन्य बड़े प्रोजेक्ट पर भी कार्य कर रही हैं, जो भारत की इतिहास और संस्कृति को सिनेमा के जरिए उभारने का प्रयास करेगा। उनका प्रोडक्शन हाउस उन लेखकों और निर्देशकों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारतीय लोककथाओं और पारंपरिक गाथाओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।
आरुषि का मानना है कि सिनेमा ही वह माध्यम बन सकता है, जो पुरानी कहानियों को आधुनिक दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सके।
साहित्य और कला से गहरा जुड़ाव
आरुषि निशंक का परिवार साहित्य, शिक्षा और जनसेवा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री होने के साथ-साथ एक ख्याति प्राप्त लेखक भी हैं। उनकी माता भी शिक्षा और लेखन के क्षेत्र में योगदान दे चुकी हैं और उन्होंने कई काव्य संग्रह प्रकाशित किए हैं।
इसके अलावा, आरुषि एक कथक नृत्यांगना भी हैं और उन्होंने टी-सीरीज़ व ज़ी म्यूजिक जैसे बड़े म्यूजिक लेबल्स के लिए कई लोकप्रिय वीडियो में अभिनय किया है।
नए कहानीकारों के लिए सुनहरा अवसर
हिमश्री फिल्म्स उन लेखकों और निर्देशकों की तलाश में है, जो भारतीय लोककथाओं और पारंपरिक कहानियों को नये अंदाज में प्रस्तुत कर सकें। कंपनी का उद्देश्य उन भूली-बिसरी किंवदंतियों और सांस्कृतिक धरोहरों को सिनेमा के माध्यम से जीवंत करना है, जिनका प्रभाव कालजयी रहा है।









