गाजा।
गाजा पट्टी में इजरायल के हवाई हमलों ने बुधवार को एक बार फिर कहर बरपाया, जिसमें कम से कम 40 फिलिस्तीनियों की जान चली गई। इन हमलों में 17 महिलाएं और 10 बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध-विराम समझौते पर चर्चा के लिए अमेरिका में हैं।
नेतन्याहू की ट्रंप से मुलाकात व युद्धविराम का दबाव
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार शाम व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लगातार दूसरे दिन मुलाकात की। ट्रंप इजरायल और हमास के बीच युद्ध-विराम समझौते के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे गाजा पट्टी में लगभग 21 महीने से जारी लड़ाई का अंत हो सकता है। यह युद्धविराम प्रस्ताव अमेरिका समर्थित है, जिसका उद्देश्य लड़ाई को रोकना, इजरायली बंधकों को मुक्त कराना और गाजा में अत्यंत आवश्यक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है।
खान यूनिस के नासिर अस्पताल की रिपोर्ट
दक्षिणी गाजा के खान यूनिस शहर स्थित नासिर अस्पताल ने बताया कि मृतकों में 17 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। अस्पताल के मुताबिक, इन हमलों में एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इन हृदयविदारक मौतों ने गाजा में मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
इजरायली सेना का पलटवार
इन हमलों पर इजरायली सेना ने कोई सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि उसने पिछले दिन गाजा में 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में आतंकवादी शिविर, बम-जाल वाले ढांचे, हथियार भंडारण सुविधाएं, मिसाइल लॉन्चर और सुरंगें शामिल थीं। इजरायल हमास पर नागरिकों के बीच हथियार व लड़ाके छिपाने का आरोप लगाता रहा है, जिसके कारण इन हमलों में अक्सर नागरिकों को भी निशाना बनना पड़ता है।






