सोनहत व बैकुंठपुर विकासखंड में आधार, आयुष्मान व राशन कार्ड सहित कई योजनाओं का हुआ व्यापक क्रियान्वयन
कोरिया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में अनुसूचित जनजाति ग्रामों के विकास के लिए चलाए जा रहे ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के दूरस्थ अंचलों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत सोनहत और बैकुंठपुर विकासखंड के हजारों पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

सोनहत में 2626 परिवारों को मिला योजनाओं का लाभ
जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखंड में 2,626 लक्षित परिवारों और 9,320 जनसंख्या के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने वाली योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूर्ण की गई है। इसके अतिरिक्त, मनरेगा जॉब कार्ड, जीवन ज्योति बीमा और सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है।
पेंशन योजना और प्रमाण पत्र वितरण में भी तेजी
जानकारी के अनुसार, पेंशन योजना के तहत 85 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 28 पात्र पाए गए और उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि 7 आवेदन अपात्र पाए गए हैं। शेष आवेदनों की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही, 111 जाति प्रमाण पत्र और 100 निवास प्रमाण पत्र भी इस दौरान जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को शासकीय सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंची गांव-गांव तक
इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। गांवों में टीबी और सिकलसेल जैसी बीमारियों की जांच की जा रही है और जरूरतमंद मरीजों को उपचार से जोड़ा जा रहा है। आयुष विभाग की टीम द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के पश्चात दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
बैकुंठपुर में भी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
बैकुंठपुर एसडीएम से मिली जानकारी के अनुसार, विकासखंड में अब तक 23 क्षय रोग (टीबी) के सक्रिय मरीजों की पहचान की गई है, जिनका उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा, 391 जाति प्रमाण पत्र, 361 निवास प्रमाण पत्र और 269 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवार शासकीय योजनाओं से जुड़ सकें।
पोषण वाटिका और टीकाकरण पर भी जोर
पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में बैकुंठपुर विकासखंड में 2,837 पोषण वाटिकाएं तैयार की गई हैं, जो ग्रामीणों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराएंगी। साथ ही, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बीमारियों से बचाने के लिए मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत नियमित टीकाकरण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
ऑनलाइन निगरानी से सुनिश्चित हो रही पारदर्शिता
अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘धरती आबा’ पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के योग्य परिवारों को सीधे शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें और विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।









