रायपुर।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज देशभर के किसानों के जीवन में स्थायित्व, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है, जिससे वे खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित कर पा रहे हैं। यह योजना न सिर्फ वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।
किसान प्रेमचंद की बदली जिंदगी
सक्ति जिले के ग्राम अंजोरीपाली निवासी किसान प्रेमचंद मैत्री भी इस योजना के नियमित लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की प्रत्येक किस्त समय पर प्राप्त होती है, जिससे वे बीज, खाद, कीटनाशक एवं कृषि उपकरणों की खरीद में इसका उपयोग करते हैं। प्रेमचंद के अनुसार, योजना से मिली यह सहायता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिससे उन्हें खेती के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने में आसानी होती है।
उत्पादकता में सुधार और आत्मनिर्भरता
प्रेमचंद मैत्री ने जोर देकर कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि ने उनकी खेती की उत्पादकता बढ़ाई है, साथ ही फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। पहले जहां छोटे किसानों को खेती के लिए पूंजी जुटाने में कठिनाई होती थी, वहीं अब इस योजना से उन्हें न केवल वित्तीय सहायता मिल रही है बल्कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। यह योजना ग्रामीण किसानों के आर्थिक जीवन में स्थिरता और विश्वास की नई लहर पैदा करने में सफल रही है।
छोटे किसानों के लिए वरदान
प्रेमचंद मैत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना हमारे जैसे छोटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। प्रत्येक किस्त से खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति होती है, जिससे कृषि कार्यों की निरंतरता बनी रहती है और किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। यह योजना वास्तव में देश के लाखों किसानों के लिए आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है।









