नई दिल्ली।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वह मुकाम हासिल कर लिया जिसका इंतजार देश को दशकों से था। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने 2025 महिला विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से धूल चटाकर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में विश्व कप जीता है, जिससे देश भर में जश्न का माहौल है। दिल्ली से लेकर मुंबई और बेंगलुरु तक रातभर आतिशबाजी कर लोगों ने इस जीत का उत्साह मनाया।
भारत की विशाल पारी: वर्मा और दीप्ति का जलवा
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 7 विकेट पर 298 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह विश्व कप फाइनल के लिए एक बेहद मजबूत लक्ष्य था। भारतीय पारी की नींव सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने रखी, जिन्होंने 78 गेंदों में 87 रन की धुआंधार पारी खेली। उन्हें दीप्ति शर्मा का शानदार साथ मिला, जिन्होंने 58 गेंदों में 58 रन बनाए। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने भारत को मजबूत आधार दिया। स्मृति मंधाना (45) और जेमिमा रोड्रिग्स (24) ने भी मध्यक्रम में अहम योगदान दिया। अंत में रिचा घोष ने 24 गेंदों में 34 रन की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को लगभग 300 के पार पहुंचा दिया। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर कोई खास असर डालने में नाकाम रहे।
दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी ने अफ्रीकी टीम को रोका
299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वुल्वार्डट ने टीम को संभाला और 98 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन अन्य बल्लेबाजों का उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। एनी डर्कसन ने 35 और सुने लुस ने 25 रन बनाए, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सकीं। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटके। टीम इंडिया की हीरो दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया। दीप्ति शर्मा ने अपने 10 ओवर के स्पेल में सिर्फ 5 विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। वहीं, शेफाली वर्मा ने भी दो विकेट लेकर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय दिया। पूनम यादव और रजनी शर्मा को भी एक-एक विकेट मिला। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 45.3 ओवर में 246 रनों पर सिमट गई।
नए युग की शुरुआत
इस मुकाबले में शेफाली वर्मा को उनकी विस्फोटक पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि दीप्ति शर्मा को उनके अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जीत के बाद इसे पूरे भारत की जीत बताते हुए कहा कि यह सफलता महिला क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत है। भारतीय टीम ने इस खिताब के साथ विश्व क्रिकेट में अपना वर्चस्व साबित कर दिया है और आने वाले समय के लिए महिला क्रिकेटरों को बड़ी प्रेरणा दी है।






