वृंदावन (ओमदर्पण न्यूज़)।
धर्मनगरी वृंदावन में यमुना नदी में हुए भीषण नाव हादसे के तीसरे दिन भी मातम पसरा हुआ है। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद होने के बाद इस हृदयविदारक त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। नदी में अब भी लापता 2 अन्य श्रद्धालुओं की तलाश के लिए सेना और गोताखोरों का महा-अभियान लगातार जारी है।
लुधियाना के भाई-बहन काल के गाल में समाए
रविवार की सुबह रेस्क्यू टीम को नदी की सतह पर दो और शव तैरते हुए मिले। मृतकों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी डिंकी और ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी और ऋषभ ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की थी। दोनों भाई-बहन अपने परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने वृंदावन आए थे। शव पानी में फूलने के कारण ऊपर आ गए थे, जिन्हें गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। परिजनों द्वारा शवों की पहचान करते ही घाट पर चीख-पुकार मच गई।
20 किलोमीटर तक बढ़ाया गया सर्च ऑपरेशन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है। राहत और बचाव कार्य में सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी के करीब 250 जवान पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। गोताखोर गहरे पानी और झाड़ियों में लापता लोगों की सघन तलाश कर रहे हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति की तलाश पूरी नहीं हो जाती, यह ऑपरेशन खत्म नहीं किया जाएगा।
अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
इस दर्दनाक नाव हादसे में राहत टीमों ने अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई है। ज्ञात हो कि इससे पहले शनिवार को भी मानिक टंडन नामक युवक का शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद हुआ था। इस हादसे ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और दर्शनार्थियों में भय का माहौल है।









