नई दिल्ली/मुंबई।
दुनिया की बदलती आर्थिक और भू-राजनैतिक दिशा पर मंथन करने वाला प्रतिष्ठित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम’ इस बार भारत में आयोजित होने जा रहा है। 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी पहली बार नई दिल्ली करेगा। इस महासम्मेलन में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हस्तियां हिस्सा लेंगी, जो भारत की बढ़ती वैश्विक साख का एक बड़ा प्रमाण है।








इस पर होगी चर्चा
यह आयोजन “अ वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लिवर्स ऑफ पॉवर” (A World in Play: Defining the New Levers of Power) थीम पर आधारित होगा। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया के शीर्ष नेता और कारोबारी वैश्विक शक्ति संतुलन, तकनीक, ऊर्जा, पूंजी और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे।
भारत भविष्य को आकार देने वाला भागीदार: प्रधानमंत्री मोदी
इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “भारत सिर्फ एक निवेश गंतव्य नहीं है, बल्कि विश्व के भविष्य को आकार देने वाला एक विश्वसनीय भागीदार बन चुका है।” उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन पूरी दुनिया को भारत की नई आर्थिक ऊर्जा और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव कराएगा।
नई दिल्ली विचारों के लिए आदर्श स्थान: माइकल ब्लूमबर्ग
ब्लूमबर्ग एलपी और ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज़ के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग ने भारत की तरक्की की सराहना की है। उन्होंने कहा, “भारत आज नवोन्मेष (Innovation), निवेश और वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्रीय स्तंभ बन चुका है। ऐसे में नई दिल्ली विचारों के आदान-प्रदान और नई साझेदारियों के लिए एक आदर्श स्थान है।”
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
यह फोरम ब्लूमबर्ग के भारत में 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका को मजबूती से रेखांकित करेगा। इस सम्मेलन में दुनिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक प्रमुख, फॉर्च्यून 100 कंपनियों के सीईओ और तकनीकी जगत के कई दिग्गज शिरकत करेंगे। इनकी मौजूदगी इसे विश्व अर्थव्यवस्था के सबसे प्रभावशाली मंचों की कतार में ला खड़ा करेगी।





