गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही।
जिला मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित मरवाही विकासखंड का बरवासन ग्राम पंचायत अब विकास और खुशहाली की नई मिसाल बन गया है। जल जीवन मिशन बरवासन में ग्रामीणों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हुआ है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन से 1367 की आबादी वाले इस गांव के 350 घरों में पिछले 6 महीने से नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है।
1.38 करोड़ की लागत से तैयार हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर
गांव में पेयजल व्यवस्था विकसित करने के लिए लगभग 1 करोड़ 38 लाख 75 हजार रुपये की लागत आई है। इस योजना के अंतर्गत 12 मीटर ऊंचाई वाला 40 हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक और 10 हजार लीटर क्षमता की 5 जी.आई. स्ट्रक्चर टंकी स्थापित की गई हैं। कुल 90 हजार लीटर जल भंडारण क्षमता के साथ जल जीवन मिशन बरवासन के हर घर की प्यास बुझा रहा है।
दूर हुई पानी की जद्दोजहद, घर में मिल रहा शुद्ध जल
योजना के शुरू होने से पहले ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। विशेषकर महिलाओं को हैंडपंप और दूसरे घरों से पानी लाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। गांव की निवासी उर्मिला बताती हैं कि पहले पानी भरने के लिए दूर स्थित हैंडपंप तक जाना पड़ता था, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर पर ही नल से शुद्ध पानी मिलने से समय की बचत हो रही है और जीवन आसान हो गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर दिख रहा सकारात्मक असर जल जीवन मिशन बरवासन
में केवल पानी की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है, बल्कि इसने ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार किया है। महिलाएं और बच्चे अब पानी लाने की चिंता से मुक्त होकर अपने अन्य कार्यों और शिक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। इसके साथ ही, शुद्ध पेयजल मिलने से गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई राह खोल सकता है।









