दुर्ग (ओम दर्पण)।
भारत सरकार की कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना पीएम राहत योजना सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए संजीवनी बन रही है। प्रायः देखा गया है कि दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) में सही समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा आज योजना के तहत अस्पताल से प्राप्त 09 प्रकरणों का सफलतापूर्वक भुगतान किया गया।
इस पीएम राहत योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ित की मृत्यु केवल पैसों की कमी या समय पर इलाज न मिलने के कारण न हो। यह महत्वपूर्ण योजना समाज के सभी वर्गों के लिए है।
7 दिन या 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
इस योजना के तहत भारत सरकार के सहयोग से दुर्घटना के घायल व्यक्ति को किसी भी पंजीकृत अस्पताल में मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा दी जाती है। इसमें दुर्घटना के पहले 7 दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इससे गोल्डन आवर में मरीजों को बिना किसी आर्थिक बाधा के त्वरित चिकित्सा मिल जाती है।
भुगतान और समीक्षा के इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, डीएचओ डॉ. संजीव ग्लेड, अनूज कुमार रवि, आरटीओ से सनत बंजारे, लोकेश पाटिल और एनआईसी से विपिन देवांगन व अरूण सोनी उपस्थित थे।










