रायपुर (रोहितास सिंह भुवाल)।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदेश में गैस सिलेंडरों से गैस चोरी और उपभोक्ताओं को तौलकर सिलेंडर न दिए जाने के मामले में सरकार और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सिलेंडरों से गैस चोरी का खेल
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा है कि प्रदेश में एक भी गैस एजेंसी लोगों को तौलकर सिलेंडर की डिलिवरी नहीं कर रही है, जबकि नियमों के अनुसार सिलेंडर पहुंचाने से पहले उसका तौल जरूरी है। लोगों के पास यह अधिकार है कि वे बिना तौला हुआ सिलेंडर लेने से मना कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि सिलेंडरों का वजन कम होता है, लेकिन आज तक खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों ने इस मामले में किसी भी गैस एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई नोटिस दी गई है। यही वजह है कि एजेंसी वाले इस काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं।
पार्टी ने यह भी बताया कि कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उसे छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचने के मामले में कई बार एफआईआर हुई है। जांच के दौरान यह साबित हो चुका है कि सिलेंडरों से गैस निकालकर चोरी की जा रही है, पर संबंधित विभाग इस मामले में कोई ध्यान नहीं देता है।
गैस डिपो से चोरी का सिंडिकेट
प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि गैस डिपो से निकलने के बाद टैंकरों से गैस निकालकर उसे सिलेंडरों में भरा जाता है, और बाद में इन्हीं सिलेंडरों को फर्जी तरीके से बेच भी दिया जाता है। गैस एजेंसी वाले जानबूझकर इस नियम का प्रचार भी नहीं करते हैं, इसलिए लोगों को पता भी नहीं होता कि उन्हें सिलेंडर तौलकर ही लेना है। उन्होंने जोर दिया कि यह उपभोक्ताओं का अधिकार है, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।
प्रदेश सचिव देविन्दर सिंह भाटिया ने बताया कि गैस गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने वाले ऑटो वाले और डिलिवरी ब्वॉय ही इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं। वे गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने के बाद उसे किसी सुनसान जगह पर ले जाते हैं, जहां सिलेंडरों से गैस निकालने का पूरा साजो-सामान होता है। इस तरह के उपकरण से सभी सिलेंडरों से थोड़ी-थोड़ी गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भरी जाती है। इस काम के बदले कालाबाजारी करने वाले उन्हें एक निश्चित रकम देते हैं। प्रदेश में इनका सिंडिकेट भी सक्रिय है और ये लोग एजेंसियों में घूम-घूमकर ऐसे लोगों को सेट करते हैं, जो बाद में उनके लिए चोरी करते हैं।
उपभोक्ताओं के अधिकार और नियम
पार्टी ने नियमों की जानकारी देते हुए बताया:
* सिलेंडर लेते समय डिलिवरी ब्वॉय से कहें कि वह तौल कर सिलेंडर दे। वह इनकार नहीं कर सकता, क्योंकि यह नियम है।
* घरेलू सिलेंडर का कुल वजन 29.5 किलोग्राम का होता है। इसमें खाली सिलेंडर का वजन 15.3 किलो और गैस का वजन 14.2 किलो होता है।
* यदि डिलिवरी ब्वॉय वजन करने से मना करे, तो आप सिलेंडर लेने से इनकार कर सकते हैं। उसे वजन करना ही होगा।
ओटीपी से परेशानी
दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल ने ओटीपी से संबंधित समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से अब सिलेंडरों की होम डिलिवरी तभी की जाती है, जब ग्राहक ओटीपी बताता है। यह नियम सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए बनाया गया है। घरों में सिलेंडर पहुंचाने के पहले ग्राहक को ओटीपी भेजा जाता है, जिसे ग्राहक डिलिवरी ब्वॉय को बताता है। अभी कई जगहों पर ग्राहकों के मोबाइल नंबर पुराने या अपडेट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में उनके पास कंपनी की ओर से भेजा ओटीपी मिलता ही नहीं है। इस पर डिलिवरी ब्वॉय उन्हें सिलेंडर देने से इनकार कर देता है। जब तक एजेंसी जाकर वे मोबाइल नंबर अपडेट या नया दर्ज नहीं करा देते, घरों में सिलेंडर नहीं पहुंचता है। इस नए नियम से लोग काफी परेशान हो रहे हैं।
शिकायत कहां करें
आम आदमी पार्टी जिला दुर्ग कमिटी के पदाधिकारी दिवाकर सिंह ठाकुर, रवि साहू, शिवा रायडू ने बताया कि सिलेंडर का वजन कम होने या तौलकर न दिए जाने पर शिकायत के लिए ये कदम उठाए जा सकते हैं:
* सबसे पहले अपनी गैस एजेंसी के पास शिकायत करें और एजेंसी में शिकायत दर्ज कराएं।
* यदि एजेंसी सुनवाई नहीं करती है, तो ग्राहक टोल नंबर 18002333555 पर शिकायत करें।
* सादे कागज पर आवेदन बनाकर उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
* यदि फिर भी समस्या हल नहीं होती, तो https://pportal.gov.in/ पर संपर्क पोर्टल के माध्यम से नाप-तौल विभाग में भी शिकायत करें।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
आम आदमी पार्टी का कहना है कि आम जनता के जेब का पैसा गैस कम देकर लूटा जा रहा है। इसलिए सरकार को खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों को सख्ती से आदेश देना चाहिए कि वे आम जनता को तौल कर ही गैस सिलेंडर दें। पार्टी ने मांग की है कि यदि इसमें लापरवाही की जाती है, तो सरकार संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित करे।









