राजपुर, बलरामपुर (पंकज शुक्ला)
तहसील अधिवक्ता संघ राजपुर ने मंगलवार को एक आवश्यक बैठक आयोजित कर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजपुर के न्यायालय का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिकारी राजीव जेम्स कुजुर द्वारा लगातार अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है, जिससे अधिवक्ता संघ आक्रोशित है। संघ ने अधिकारियों को हटाने तक न्यायालय की कार्यवाही का बहिष्कार जारी रखने की घोषणा की है।
अधिवक्ताओं का आरोप: न्यायालय में हो रहा अपमानजनक व्यवहार
तहसील अधिवक्ता संघ राजपुर की बैठक में अधिवक्ताओं ने न्यायालय में हो रहे अभद्र व्यवहार की शिकायतें विस्तार से रखीं। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रकरणों के दौरान राजस्व मंडल और उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय दृष्टांतों का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही, दांडिक मामलों में भी अधिवक्ताओं को अलग-अलग कक्षों में बुलाया जाता है और कुछ मामलों का निपटारा अनियमित रूप से अधिकारी के चेंबर में किया जाता है।
एक अधिवक्ता ने बताया, “धारा 145 के प्रकरणों में बगैर प्रतिवेदन के साक्ष्य की मांग की जाती है, और साक्ष्य के दौरान कई बार अधिवक्ताओं और पक्षकारों को कोर्टरूम से बाहर कर दिया जाता है। अधिकारी का व्यवहार हमारे लिए असहनीय हो चुका है।”
ज्ञापन देकर की कार्रवाई की मांग
तहसील अधिवक्ता संघ ने मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों, और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेजकर मामले की शिकायत की है और अधिकारी को तुरंत हटाने की मांग की है। जब तक अधिकारी को नहीं हटाया जाता, अधिवक्ता संघ ने न्यायालय की कार्यवाही में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है।
इस दौरान जयगोपाल अग्रवाल, सुनील सिंह, उमेश ओझा, शिवा नंद दुबे, रामनारायण जायसवाल, रामनरेश अग्रवाल, शैलेश तिवारी, विपिन जायसवाल, जितेंद्र गुप्ता और सुरेश पाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।









