



केरल।
केरल के कासरगोड की अदालत में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब 18 साल पहले गोवा में हत्या का शिकार हुई 13 वर्षीय लड़की के अवशेष उसके माता-पिता को सौंपे गए। इस अवसर पर अदालत में माता-पिता की आंखें भावनाओं से भर आईं, और उनके हाथ डिब्बा लेते समय कांप उठे। यह डिब्बा उनकी बेटी सोफिया के कंकाल के हिस्सों से भरा था, जिसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
घटना का विवरण:
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 13 वर्षीय सोफिया की दिसंबर 2006 में गोवा में हत्या कर दी गई थी। उस समय वह कासरगोड के एक ठेकेदार केसी हमसा के घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। पुलिस के अनुसार, रसोई में गंभीर रूप से जलने की स्थिति में हमसा ने सजा के डर से सोफिया की हत्या कर दी। हत्या के बाद हमसा ने सोफिया के शरीर के टुकड़े कर दिए और उन्हें एक निर्माणाधीन बांध स्थल पर फेंक दिया। 2008 में गोवा के इस बांध स्थल से शव के कुछ हिस्से बरामद हुए थे।
न्यायिक प्रक्रिया:
घटना के बाद हमसा को गिरफ्तार किया गया और 2015 में स्थानीय अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। हालांकि, 2019 में केरल उच्च न्यायालय ने उसकी सजा को बदलते हुए उसे आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया।
परिवार की भावनाएं:
सोफिया के माता-पिता, जो कर्नाटक के कुर्ग से ताल्लुक रखते हैं, ने अदालत से अपनी बेटी के अवशेषों की मांग की ताकि वे अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसकी अंतिम संस्कार कर सकें। उनकी इस मांग को मानते हुए कासरगोड की मुख्य सत्र अदालत ने सोमवार को उन्हें उनकी बेटी की खोपड़ी सौंप दी, जिससे वे अपने परिवार की यह अंतिम इच्छा पूरी कर सकें।





