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छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका,
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बीजेपी प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत से बदले सियासी समीकरण
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। रायगढ़, भिलाई और बिलासपुर जैसे प्रमुख नगर निगमों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने अंतिम समय में नाम वापस ले लिया, जिससे बीजेपी के प्रत्याशियों को बिना किसी टक्कर के जीत हासिल हो गई। रायगढ़ नगर निगम के वार्ड 45 से कांग्रेस के खीरी लाल सिंह और वार्ड 18 से शीला साहू ने नाम वापस लिया, जिससे बीजेपी प्रत्याशी नारायण पटेल और पूनम सोलंकी निर्विरोध विजयी हो गए।
धमतरी और विश्रामपुर में कांग्रेस के हाथ से निकला मौका
धमतरी नगर निगम में कांग्रेस के महापौर पद के प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया, जिससे यहां भी बीजेपी को बढ़त मिल गई है। विश्रामपुर नगर पंचायत में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने से बीजेपी की राह और आसान हो गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – ‘चुनाव की शानदार शुरुआत’
रायपुर में आयोजित बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निर्विरोध जीत को बीजेपी के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,
“इस निकाय चुनाव की शुरुआत बहुत अच्छी हुई है। हमें अच्छे संकेत मिल रहे हैं। नगर पंचायतों और नगर निगमों में बीजेपी का झंडा लहराने जा रहा है।”
ओपी चौधरी ने कांग्रेस को बताया ‘डूबती नाव’
साय सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा,
“कांग्रेस के प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लेकर यह साबित कर दिया है कि पार्टी अब पूरी तरह से डूब चुकी है। परिवारवाद और चापलूसी की राजनीति से कांग्रेस अपना अस्तित्व खत्म कर रही है।”
इन वार्डों में कांग्रेस के नाम वापसी के बाद बीजेपी की जीत पक्की
- रायगढ़ नगर निगम वार्ड 45 – खीरी लाल सिंह (कांग्रेस प्रत्याशी) ने नाम वापस लिया, जिससे नारायण पटेल (बीजेपी) निर्विरोध विजयी हुए।
- रायगढ़ नगर निगम वार्ड 18 – शीला साहू (कांग्रेस प्रत्याशी) ने नाम वापस लिया, जिससे पूनम सोलंकी (बीजेपी) निर्विरोध जीतीं।
- बिलासपुर नगर निगम वार्ड 13 – श्याम पटेल (कांग्रेस प्रत्याशी) का नामांकन निरस्त होने से रमेश पटेल (बीजेपी) को वॉकओवर मिला।
- कटघोरा नगर पालिका वार्ड 13 – कांग्रेस ने नामांकन दाखिल ही नहीं किया, जिससे बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध जीते।
- कटघोरा नगर पालिका वार्ड 18 – कांग्रेस प्रत्याशी ने नाम वापस लिया, बीजेपी को वॉकओवर मिला।
- दुर्ग नगर निगम वार्ड 21 – मीरा सिंह (कांग्रेस प्रत्याशी) ने नाम वापस लिया, जिससे विद्यावती सिंह (बीजेपी) को निर्विरोध जीत मिली।
- भिलाई नगर निगम वार्ड 35 – मनोज सिन्हा (कांग्रेस प्रत्याशी) ने नाम वापस लिया, जिससे चंदन यादव (बीजेपी) को जीत मिली।
- विश्रामपुर नगर पंचायत – कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हुआ, जिससे बीजेपी प्रत्याशी को बढ़त मिली।
- बसना नगर पंचायत – कांग्रेस और अन्य प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया, जिससे डॉ. खुशबू अग्रवाल (बीजेपी) निर्विरोध अध्यक्ष बनीं।
कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री का जवाब – ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’
बीजेपी की इन निर्विरोध जीतों पर कांग्रेस ने शासन पर दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखा पलटवार करते हुए कहा,
“धमतरी में कांग्रेस महापौर प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया। पहले कांग्रेसी ठीक से फॉर्म भरना सीखें, फिर आरोप लगाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की पुरानी आदत है कि हारने पर ईवीएम को दोष देती है, लेकिन जब जीतती है तो इस पर चर्चा भी नहीं करती।
निकाय चुनाव के अहम आंकड़े
छत्तीसगढ़ में इस नगरीय निकाय चुनाव में महापौर पद के लिए 109 प्रत्याशी, अध्यक्ष पद के लिए 816 प्रत्याशी, और पार्षद पद के लिए 10,000 से अधिक प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
वोटिंग 11 फरवरी को होगी, जबकि नतीजे 15 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।







