दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)
नागपंचमी के पावन अवसर पर दुर्ग के नयापारा में जय बल भीम समिति द्वारा एक भव्य अखाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर विधायक गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और अखाड़ा कलाकारों के रोमांचक प्रदर्शन को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की प्राचीन कला और संस्कृति को जीवंत करने का एक सफल प्रयास रहा।
अखाड़ा: सिर्फ खेल नहीं, संस्कृति की पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गजेंद्र यादव ने अखाड़े के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अखाड़ा केवल एक खेल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण है। यादव ने इसे सनातन संस्कृति के शौर्य, वीरता और अनुशासन का अद्भुत संगम बताया, जो युवा पीढ़ी को अनुशासित जीवन और आत्मबल की प्रेरणा देता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन हमारी जड़ों से जुड़ने और अपनी विरासत को समझने में मदद करते हैं।
हैरतअंगेज प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
नयापारा चौक पर आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाशाली अखाड़ा कलाकारों ने अपने अद्भुत और रोमांचक प्रदर्शन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों की भीड़ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। कलाकारों ने पारंपरिक युद्ध कौशल सहित कई हैरतअंगेज खेल प्रदर्शित किए, जिन्हें मोबाइल कैमरों में कैद करने की होड़ लगी रही। पारंपरिक युद्ध कौशलों का जीवंत प्रदर्शन इस आयोजन की मुख्य विशेषता रहा, जिसने दर्शकों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।
लोक संस्कृति के संरक्षण की सराहनीय पहल
विधायक गजेंद्र यादव ने जय बल भीम समिति के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल मनोरंजन का माध्यम रहा, बल्कि लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रसार की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में भी सामने आया है। उन्होंने आयोजक समिति से हर वर्ष इस आयोजन को करने का आह्वान किया, जिससे युवा पीढ़ी अनुशासन और कठिन अभ्यास से प्रेरित हो सके और लोक संस्कृति का संवर्धन हो। यह पहल निश्चित रूप से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर पार्षद मनीष साहू, गोविंद देवांगन, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, रामसिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।









