नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।
“आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है”—यह कहावत मौजूदा वैश्विक हालात और नई तकनीक के ईजाद पर बिल्कुल सटीक बैठती है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण पूरी दुनिया में एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत भी इस संकट से अछूता नहीं है। पिछले कुछ सप्ताह से देश भर में लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए घंटों लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं।
गैस की इस भारी किल्लत को देखते हुए लोग अब तेजी से इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) और अन्य वैकल्पिक ईंधनों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इसी संकट के बीच एक नई और चौंकाने वाली तकनीक सामने आई है, जो भविष्य में रसोई गैस पर हमारी निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर सकती है।
प्लग लगाते ही धू-धू कर जलता है चूल्हा
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक नई तकनीक वाले चूल्हे की जानकारी साझा की है। यह कोई साधारण इंडक्शन नहीं है, बल्कि एक ‘इलेक्ट्रिक फ्लेम स्टोव’ है। यह चूल्हा पूरी तरह बिजली से चलता है, लेकिन इसे चालू करते ही इसमें से एलपीजी गैस की तरह ही नीली आग की लपटें (Flame) निकलने लगती हैं।
प्रह्लाद जोशी ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक आयातित चूल्हे का प्रदर्शन देखा जो बिजली का उपयोग करके गैस जैसी लौ पैदा करता है। इस तकनीक की मदद से लोगों के लिए उसी पारंपरिक अंदाज में खाना बनाना बेहद आसान हो जाएगा, जिसके वे आदी हैं।
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट के तनाव ने गैस की सप्लाई चेन को तोड़ा है, वहीं दूसरी तरफ इस ‘इलेक्ट्रिक फ्लेम स्टोव’ जैसी आधुनिक तकनीक ने भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का एक नया और सुरक्षित विकल्प दे दिया है।









