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किसानों से अपील: रासायनिक खाद छोड़ें, गोबर और जैविक खाद अपनाएं

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  • लवकुश गुप्ता और अखिलेश तिवारी ने जैविक खाद के उपयोग पर दिया जोर

 

रायपुर। 

राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी युवा हिंदू महासभा ने किसानों से रासायनिक खाद के बजाय गोबर और जैविक खाद का उपयोग करने की अपील की है। महासभा के रायपुर जिला महामंत्री लवकुश गुप्ता और अखिलेश तिवारी ने किसान भाइयों से यह महत्वपूर्ण आग्रह किया।

जैविक खाद से भूमि का स्वास्थ्य और फसल की गुणवत्ता

लवकुश गुप्ता और अखिलेश तिवारी ने किसानों को बताया कि जैविक खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरक शक्ति हमेशा बनी रहती है। इसके इस्तेमाल से फसलों में कीटनाशक की समस्या नहीं होती और फसलें बेहतर होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैविक खाद भूमि के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखती है, जिससे दीर्घकालिक रूप से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है।

रासायनिक खादों के नुकसान पर जताई चिंता

दोनों पदाधिकारियों ने रासायनिक खादों के उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि आज के दौर में रासायनिक खादों का उपयोग करने से चावल जैसे प्रमुख अनाज के पोषक तत्व कम हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने किसानों से निवेदन किया कि वे रासायनिक खाद पदार्थों का उपयोग न करें, विशेषकर वे खाद जो सोसायटियों से दी जाती हैं।

पुरानी परंपरा की ओर लौटने का आह्वान

अखिलेश तिवारी ने पुराने समय की खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जमाने के लोग गोबर और जैविक खाद का ही इस्तेमाल करते थे और तब कम बीमार पड़ते थे। यह बात इस ओर इशारा करती है कि प्राकृतिक तरीकों से खेती करने पर न केवल फसल अच्छी होती है, बल्कि मानव स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। उन्होंने रायपुर के उन सभी मेहनती किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे अपने खेतों में गोबर से बने खाद का ही उपयोग करें ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और स्वस्थ अनाज का उत्पादन हो सके।

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