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रामायण से मिलती है अहंकार के पतन की सीख: अशवंत तुषार साहू

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OM Darpan

Apr 07, 2026 04:35 am 243 views
रामायण से मिलती है अहंकार के पतन की सीख: अशवंत तुषार साहू

महासमुंद (ओमदर्पण न्यूज़)।

महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जलकी में तीन दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू बतौर अतिथि शामिल हुए। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर समिति के तत्वावधान में फूल-माला पहनाकर और चंदन व गुलाल लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात तुषार साहू ने भगवान राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

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कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अशवंत तुषार साहू ने जीवन में रामायण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पारिवारिक रिश्ते, निष्ठा, त्याग और विपत्ति में धैर्य रखना ही जीवन के सबसे बड़े आदर्श हैं। रामायण का मुख्य संदेश सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करना है। यह महाकाव्य हमें सिखाता है कि बुराई (अहंकार) कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है।

अशवंत तुषार साहू ने बताए रामायण के मुख्य संदेश:

  • धर्म और नैतिकता की जीत: रामायण का मूल मंत्र 'सत्यमेव जयते' है। राम ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म (कर्तव्य) का मार्ग नहीं छोड़ा और रावण के अधर्म का अंत किया।

  • मर्यादा और अनुशासन: भगवान राम 'मर्यादा पुरुषोत्तम' हैं, जो सिखाते हैं कि राजा, पुत्र, भाई और पति के रूप में मर्यादाओं का पालन करना ही आदर्श जीवन है।

  • पारिवारिक रिश्ते और विश्वास: राम ने पिता के वचन के लिए राजपाट छोड़ दिया। लक्ष्मण और भरत का निस्वार्थ प्रेम हमें रिश्तों में त्याग और विश्वास का महत्व सिखाता है।

  • अहंकार का पतन: रावण का सर्वनाश उसके अहंकार के कारण ही हुआ। यह संदेश देता है कि ज्ञान होने के बावजूद, यदि मन में अहंकार है, तो विनाश निश्चित है।

  • एकता और संगठन में शक्ति: राम ने वानर सेना को साथ लेकर समुद्र पर सेतु बनाया। यह सिखाता है कि एकता और योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं।

  • दया और प्रेम का महत्व: अपने शत्रुओं के प्रति भी शिष्टता और दया का भाव रखना (जैसे विभीषण को शरण देना) रामायण की बड़ी सीख है।

अंत में तुषार साहू ने कहा कि रामायण हमें यह भी याद दिलाती है कि सुख और आनंद का मार्ग जीवन से ही निकलता है, न कि मृत्यु से। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी और श्रद्धालु उपस्थित थे।

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