रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरुघासीदास जी की जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे, जिन्होंने “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश समाज को एकजुट करने और मानवता के लिए मार्गदर्शक बन रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लगभग 90 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर भूमि आबंटन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरुघासीदास जी के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध राज्य बनाएगी। उन्होंने समाज से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास” के नारे को छत्तीसगढ़ सरकार भी पूरी तरह से अपनाकर समाज के हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बाबा गुरुघासीदास जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में समृद्धि और विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरु घासीदास के तपोभूमि गिरौदपुरी सहित अन्य स्थानों के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एक साल में किए गए सभी वादों को पूरा किया गया है। उन्होंने पीएम आवास योजना, धान खरीदी, तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए पारिश्रमिक वृद्धि और महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता योजनाओं का जिक्र किया।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री दयालदास बघेल ने समाज से बाबा गुरुघासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करने की अपील की और समाज को शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में प्रगति करने के लिए प्रेरित किया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में भव्य डोम निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने आरती और जैतखाम पूजा की, साथ ही ध्वजारोहण में भाग लिया। सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें चाँदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सालिक निर्मल दिवाकर की पुस्तक ‘‘माँ की चाहत’’ का विमोचन भी किया।










