Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

नए साल से पहले RBI ने पांच रुपये के मोटे सिक्के बंद करने का लिया बड़ा फैसला

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Listen to this article

नई दिल्ली।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए साल से पहले एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। देश में चल रहे पांच रुपये के मोटे सिक्कों को बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर अब बाजार में केवल पतले सुनहरे सिक्के ही दिखाई देंगे। RBI का यह निर्णय भारतीय मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, और इसके पीछे छिपा है एक खास आर्थिक कारण।

भारत में लंबे समय से नोटों के साथ-साथ सिक्कों का भी चलन रहा है, जिनमें 100, 200, 500 के नोटों के साथ 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के भी प्रचलन में हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि बाजार में पांच रुपये के मोटे सिक्के धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। उनकी जगह अब 5 रुपये के पतले सिक्के ने ले ली है।

RBI का बड़ा निर्णय:

रिजर्व बैंक के अधिकारियों के मुताबिक, मोटे पांच रुपये के सिक्कों के उत्पादन को बंद करने का निर्णय इस कारण लिया गया है कि इन सिक्कों में इस्तेमाल होने वाली धातु की लागत उनके मूल्य से कहीं अधिक है। अगर इन सिक्कों को पिघलाया जाए, तो इस धातु से चार से पांच ब्लेड बनाए जा सकते हैं, जिनकी कीमत पांच रुपये से कहीं अधिक होगी। इसी कारण सरकार और RBI ने इन सिक्कों को प्रचलन से हटा दिया है।

आर्थिक दृष्टिकोण से समझें:

इसका कारण आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। अगर कोई व्यक्ति 5 रुपये के सिक्के को पिघलाकर उसे अन्य उत्पादों में बदलता है, तो सिक्के में मौजूद धातु का मूल्य उसकी मुद्रा मूल्य से अधिक हो जाता है। यही कारण है कि RBI ने ऐसे सिक्कों के उत्पादन को रोकने का निर्णय लिया।

RBI और सिक्कों के उत्पादन का अधिकार:

यह ध्यान देने योग्य है कि देश में चल रहे सिक्कों और नोटों का उत्पादन केवल RBI के पास है। जब RBI केंद्र सरकार को सिक्कों और नोटों की छपाई के प्रस्ताव भेजता है, तो यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है। केंद्र सरकार फिर RBI के वरिष्ठ अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों के साथ मिलकर फैसला करती है कि कौन से सिक्के और नोट बाजार में चलाए जाएं।

अच्छे उदाहरण के रूप में, RBI ने 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद किया था, और पिछले साल 2000 रुपये के नोटों को भी बंद कर दिया था।

news paper editing
previous arrow
next arrow

Leave a Comment