नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार, वाणिज्य और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक 1 सितंबर, 2026 को वर्चुअल माध्यम से हुई। इस बैठक में दोनों देशों के वाणिज्य, उद्योग, सीमा शुल्क, नियामक प्राधिकरणों और राजनयिक मिशनों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार को पहले से अधिक सुविधाजनक बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
चर्चा में व्यापार सुगमता, सीमा शुल्क सहयोग और अफगान व्यापारियों के लिए वीजा सुगमता जैसे प्रमुख विषय शामिल रहे। इसके अलावा बैंकिंग, वित्तीय सहयोग, दवा, कृषि व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
फार्मा और कृषि में नियामक सहयोग
दोनों पक्ष संस्थागत सहयोग को मजबूत करने और चिन्हित क्षेत्रों में आगे की कार्यवाही करने पर सहमत हुए। इसमें सीमा शुल्क और डेटा-साझाकरण सहयोग को बढ़ाना, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि में नियामक सहयोग और व्यापार संपर्क में सुधार शामिल है।
निवेश और व्यापार-से-व्यापार जुड़ाव को बढ़ावा देने के साथ ही कार्गो कनेक्टिविटी और बंदरगाह से संबंधित मुद्दों को सुलझाने पर भी जोर दिया गया। टैरिफ रियायतों के माध्यम से व्यापारिक बाधाओं को कम करने पर चर्चा हुई।
प्रमुख मुद्दों पर निरंतर संवाद का निर्णय
यह बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने भारत-अफगानिस्तान व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। भविष्य में प्रमुख मुद्दों पर निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति बनी।








