Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

लाल आतंक को बड़ा झटका: 25 लाख के इनामी चैतू समेत 10 माओवादियों ने किया सरेंडर

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

  • पुनर्वास नीति और ‘पूना मारगेम’ अभियान का असर

  • मुख्यमंत्री बोले- बस्तर में स्थापित हो रहा विश्वास और सुरक्षा का वातावरण

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों और सरकार की पुनर्वास नीतियों को बड़ी सफलता मिली है। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के क्रम में 10 हार्डकोर माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वाले इन माओवादियों पर सरकार ने कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का वरिष्ठ सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा भी शामिल है, जिस पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम था।

सरकार की नीतियों पर बढ़ा भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को राज्य सरकार की नीतियों और पुलिस प्रशासन की रणनीति का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहलों ने बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सकारात्मक असर दिखाया है। माओवादी अब हिंसा का भ्रमजाल तोड़कर विकास की मुख्यधारा की ओर देख रहे हैं।

सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का वादा

आत्मसमर्पण के बाद मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि हथियार डालने वाले सभी लोगों को सरकार की नीति के तहत सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर मिलेंगे। प्रशासन द्वारा उन्हें तत्काल सहायता राशि और पुनर्वास की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि सरेंडर के बढ़ते आंकड़े यह साबित करते हैं कि स्थानीय जनता और भटक चुके युवाओं का भरोसा अब नक्सल विचारधारा से उठकर शासन व्यवस्था पर जमने लगा है।

बस्तर में शांति की नई दिशा

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, चैतू उर्फ श्याम दादा जैसे बड़े कैडर का सरेंडर करना संगठन के लिए बड़ा झटका है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की लगातार मेहनत और जनविश्वास के चलते बस्तर अब स्थायी शांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow