रायपुर |
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में मरीजों को हो रही असुविधाओं और संसाधनों की कमी को लेकर आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। एम्स के गेट नंबर 1 पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक कार्यालय के गेट पर डटे रहे। घेराव बढ़ता देख एम्स प्रबंधन ने वार्ता की पेशकश की। प्रबंधन ने शुरुआत में केवल 2 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाया, लेकिन रायपुर जिलाध्यक्ष साजू वी थॉमस ने स्पष्ट कर दिया कि चर्चा 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ही होगी। उनके इस सख्त रुख के बाद प्रबंधन को झुकना पड़ा और 4 सदस्यों को बातचीत के लिए बुलाया गया।
उप-निदेशक के साथ 1 घंटे से ज्यादा चली वार्ता
लोजपा (रा) के प्रतिनिधिमंडल की चर्चा एम्स के उप-निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल डी.एस. चौहान के साथ हुई। यह बैठक करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चली। बैठक सकारात्मक रही और प्रबंधन ने मांग पत्र में शामिल मुद्दों को आगामी तीन महीने में पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है।
एम्स प्रबंधन ने इन 11 प्रमुख बिंदुओं पर दी सहमति:
बैठक के बाद एम्स प्रशासन ने मरीजों की सुविधाओं के विस्तार के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए हैं:
इमरजेंसी व बर्न यूनिट: इमरजेंसी में एक्सीडेंट और आगजनी (Burn) के मामलों में आने वाले मरीजों के लिए अब अलग व्यवस्था होगी। इसके अलावा, एक अलग बर्न यूनिट का निर्माण भी किया जा रहा है।
जांच मशीनें बढ़ेंगी: वर्तमान में एम्स में केवल 1 एमआरआई (MRI) और 2 सीटी स्कैन (CT Scan) मशीनें हैं। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि अगले 3 महीनों में 3 नई एमआरआई और 3 नई सीटी स्कैन मशीनें खरीदी जाएंगी।
स्ट्रेचर और व्हीलचेयर: मरीजों की सुविधा के लिए 150 अतिरिक्त स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की व्यवस्था कर ली गई है।
शिशु रोग विभाग: नियोनेटल (Neonatal) विभाग में 4 महीने के भीतर 15 और इनक्यूबेटर (Incubator) की व्यवस्था की जाएगी। आईवीआर (IVR) यूनिट चालू कर दी गई है और जल्द ही बोन मैरो (Bone Marrow) की सुविधा भी शुरू होगी।
नया रायपुर में विस्तार: नया रायपुर में कम्युनिटी हेल्थ और कैंसर का एक अलग यूनिट खोला जाएगा।
दवा दुकानों पर एकाधिकार खत्म: एम्स कंपाउंड के भीतर मेडिकल स्टोर पर लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए अब और भी एजेंसियों को ठेका दिया जाएगा। इससे किसी एक एजेंसी का एकाधिकार नहीं रहेगा और मरीजों को दवाइयां आसानी से मिल सकेंगी।
ऑटोमेशन और लैब: काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए ऑटोमेशन (Automation) की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है। साथ ही, पूरे टेस्टिंग लैब को एक ही जगह केंद्रित किया जाएगा ताकि मरीजों को अलग-अलग जगह भटकना न पड़े।
पार्किंग व्यवस्था में बदलाव: बाहरी लोगों द्वारा हफ्तों तक गाड़ी खड़ी करने की समस्या पर पार्टी ने प्रस्ताव रखा कि मरीजों और परिजनों के लिए ‘चिकित्सा कार्ड’ के आधार पर 24 घंटे का पास कम शुल्क में बनाया जाए। इससे बाहरी गाड़ियों पर रोक लगेगी और मरीजों को जगह मिल सकेगी।











