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बिहान योजना के तहत महिलाओं ने पेश की स्वरोजगार की नई मिसाल
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आधुनिक मशीनों से तैयार हो रहा उच्च गुणवत्ता वाला चारा
✍️ विशेष संवाददाता
बिलासपुर | बिलासपुर के विकासखण्ड बिल्हा अंतर्गत ग्राम अकलतरी की ‘जय भारत‘ महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं आज स्वरोजगार की एक नई इबारत लिख रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से ये ‘लखपति दीदियां‘ ग्राम अकलतरी में ‘बिलासा पशु आहार संयंत्र‘ का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। यहां तैयार किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण पशु एवं पक्षी आहार ने न केवल स्थानीय पशुपालकों की राह आसान की है, बल्कि महिलाओं के लिए नियमित आय और रोजगार के नए द्वार भी खोल दिए हैं।
आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन क्षमता
समूह की महिलाओं ने पारंपरिक कामकाज से आगे बढ़ते हुए तकनीक का दामन थामा है। संयंत्र में उत्पादन को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर मशीन, फीड पैलेट मशीन और फीड क्रम्बल मशीन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। इन मशीनों के जरिए आहार निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं को सुगम बनाया गया है। जय भारत समूह की महिलाएं संयंत्र के संचालन से लेकर आहार निर्माण और पैकेजिंग तक की जिम्मेदारी खुद सक्रिय रूप से संभाल रही हैं।
‘विष्णु भैया‘ की सरकार में आत्मनिर्भर हुईं बहनें
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा हुए हैं। राखी के पर्व पर आत्मनिर्भरता की यह कहानी बिलासपुर की इन बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर पेश करती है। ‘विष्णु भैया‘ की सरकार में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण परिवारों को नई मजबूती दे रहे हैं। पशुपालकों और कुक्कुट पालन से जुड़े ग्रामीणों को अब अपने ही क्षेत्र में चारा मिलने से समय और परिवहन खर्च की बचत हो रही है।









