16 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

अपोलो अस्पताल पर FIR: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट के इलाज से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत का मामला फिर चर्चा में

OM Darpan

Apr 20, 2025 07:01 pm 331 views
अपोलो अस्पताल पर FIR: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट के इलाज से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत का मामला फिर चर्चा में

  • छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता पं. राजेन्द्र शुक्ल की मौत से जुड़ा है मामला

बिलासपुर। 

अपोलो अस्पताल पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला साल 2006 का है, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पं. राजेन्द्र शुक्ल की मौत हुई थी। अब उनके बेटे प्रदीप शुक्ल ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की मौत फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य उर्फ जान केम के इलाज से हुई थी।

दमोह में भी 7 मरीजों की गई जान

डॉ. जान केम पर मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भी इलाज के दौरान सात हार्ट पेशेंट्स की मौत का आरोप है। ये सभी मौतें दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच हुई थीं। आरोप है कि इस दौरान दमोह के मिशन अस्पताल में डॉक्टर ने लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एन जोन केम के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर करीब ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर डाले। इनमें से 7 मरीजों की मौत हो गई।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

परिजनों की शिकायत से हुआ खुलासा

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मरीज के परिजन को डॉक्टर पर शक हुआ और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तक पहुंचा। 4 अप्रैल को यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर के इलाज से 7 हार्ट पेशेंट्स की मौत हुई।

दमोह से हो चुकी है गिरफ्तारी

जांच के बाद पता चला कि आरोपी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव पहले भी बिलासपुर में काम कर चुका है। बताया गया कि 2006 में वह बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में पदस्थ था। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि अपोलो अस्पताल ने ऐसे डॉक्टर को कैसे नियुक्त किया। दमोह में उसकी गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

अपोलो अस्पताल की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल

इस मामले में अब अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि डॉक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई, जिससे लोगों की जान गई। फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के इलाज से बिलासपुर में भी कई लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। सबसे बड़ा नाम पं. राजेन्द्र शुक्ल का है, जो अविभाजित मध्यप्रदेश में भी विधानसभा अध्यक्ष रह चुके थे।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

विज्ञापन

Advertisement