बालोद।
ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त की राशि का किस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण बालोद जिले की कोहंगाटोला ग्राम पंचायत में सामने आया है। पंचायत के सरपंच और सचिव ने इस राशि का उपयोग कई अनावश्यक सामान खरीदने में किया है, जिनमें अंडा, सिगरेट और बेसन जैसी चीजें भी शामिल हैं।
ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास पर खर्च करने की होती है, लेकिन यहां 15वें वित्त की राशि को अंडा और सिगरेट जैसी वस्तुओं की खरीद पर खर्च कर दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब गांव के एक जागरूक नागरिक युगलकिशोर सिन्हा ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत ग्राम पंचायत से जानकारी मांगी।
सूचना के जवाब में यह बात सामने आई कि पंचायत ने कई अनावश्यक चीजों पर सरकारी राशि खर्च की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है, जो शासन की नीतियों का सीधा उल्लंघन है।
इस चौंकाने वाली जानकारी के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत में वित्तीय अनियमितता की जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
इस पूरे मामले को लेकर अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा है कि शिकायत का प्रतिवेदन सीईओ जिला पंचायत से मंगाया जाएगा और इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि का इस तरह से दुरुपयोग करना ग्रामीण विकास योजनाओं पर सीधा असर डालता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी सरपंच और सचिव पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी वित्तीय अनियमितता न हो।










