Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

मुंबई पुलिस बनकर 7.35 लाख की ठगी: डॉक्टर की एफडी तुड़वाकर सायबर ठगों ने उड़ाई जमा पूंजी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

  • फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए ठगों ने डॉक्टर से की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

मुंगेली।
लोरमी में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक सीनियर डॉक्टर, डॉ दीपक लाज से फर्जी मुंबई पुलिस बनकर ठगों ने 7,35,891 रुपये की ठगी कर ली। यह घटना तब घटित हुई जब ठगों ने डॉक्टर को प्रतिबंधित दवाइयों और आर्मी ड्रेस का पार्सल पकड़े जाने का झांसा देकर सरकारी गवाह बनने का दबाव बनाया। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को डॉक्टर दीपक लाज को एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल किया, जिसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। ठग ने कहा कि डॉक्टर का एक पार्सल मुंबई में पकड़ा गया है, जिसमें प्रतिबंधित दवाइयाँ और आर्मी ड्रेस हैं। इस झांसे में आकर डॉक्टर ठग की बातों में आ गए और सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

ठग ने डॉक्टर से उनके बैंक खाते की जानकारी माँगी। जब डॉक्टर ने बताया कि उनके बैंक खाते में पर्याप्त रकम नहीं है, तो ठगों ने उन्हें एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) तोड़ने का सुझाव दिया। ठगों ने गवाह बनने के नाम पर डॉक्टर पर दबाव डाला और उनकी एफडी तोड़वाकर रकम को उनके बचत खाते में ट्रांसफर करवाया। इसके बाद, ठगों ने उक्त राशि को अपने खाते में आरटीजीएस  के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिया।

साइबर ठग इतने शातिर थे कि उन्होंने डॉक्टर से न केवल बैंक खाते की जानकारी ली, बल्कि एफडी का भी पूरा ब्यौरा हासिल कर लिया। ठगों ने सरकारी गवाह बनने का दबाव बनाकर डॉक्टर को एफडी तोड़वाने के लिए मजबूर किया और उसे उनके बचत खाते में ट्रांसफर करवाकर आरटीजीएस के माध्यम से ठगों के खाते में ट्रांसफर करवा लिया। ठगी का शिकार होने के बाद डॉक्टर को तब अहसास हुआ कि वे साइबर अपराध का शिकार हो चुके हैं, और वे तुरंत पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस जांच में जुटी:
थाना प्रभारी अखिलेश वैष्णव ने बताया कि डॉ दीपक लाज की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66 (D) और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किस प्रकार से डॉक्टर को ठगी का शिकार बनाया।

बढ़ते साइबर अपराध:
लोरमी में यह कोई पहली घटना नहीं है, जहां पढ़े-लिखे लोग भी साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। ठग विभिन्न हथकंडों का उपयोग कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उनकी मेहनत की कमाई को उड़ा लेते हैं। पुलिस लगातार साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके बावजूद ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow

Leave a Comment