रायपुर।
केंद्रीय बजट 2025-26 में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की घोषणाओं के बीच छत्तीसगढ़ में भी हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में चेंबर ने रेलवे और पर्यटन की दिग्गज संस्था IRCTC के साथ मिलकर राज्य के अनछुए पहलुओं को देश के सामने लाने की योजना पर काम शुरू किया है।
कनेक्टिविटी और ब्रांडिंग पर फोकस
चेंबर के प्रदेश उपाध्यक्ष और DRUCC (मंडलीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति) सदस्य लोकेश चंद्रकांत जैन ने हाल ही में IRCTC के क्षेत्रीय अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव दिए। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य के धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को राष्ट्रीय पटल पर लाना रहा।
बजट घोषणाओं के अनुरूप तैयारी
चेंबर के कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने लोकेश जैन द्वारा दी गई सिफारिशों का समर्थन करते हुए इन्हें राज्य के हित में बताया। बरड़िया ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में पर्यटन को लेकर की गई घोषणाओं का लाभ छत्तीसगढ़ को तभी मिलेगा जब हम सक्रियता दिखाएंगे।
उन्होंने कहा, “लोकेश जैन के सुझाव दूरदर्शी हैं। यदि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को IRCTC और अन्य राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स से जोड़ दिया जाए, तो यहाँ के पर्यटन को नई संजीवनी मिलेगी। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत संरचना और विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास अनिवार्य है।”
चेंबर का मानना है कि सही प्रचार-प्रसार और सुविधाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।






