3 अक्टूबर 2026 |
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150 रुपये की मजदूरी से सालाना 5.20 लाख की कमाई, बागरेकसा की कविता निषाद बनीं मिसाल

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OM Darpan

Oct 03, 2026 11:00 am 325 views
150 रुपये की मजदूरी से सालाना 5.20 लाख की कमाई, बागरेकसा की कविता निषाद बनीं मिसाल


बिहान योजना से मिली मदद तो शुरू किया सेनेटरी पैड निर्माण और कृषि केंद्र, गांव की महिलाओं को स्वास्थ्य-स्वच्छता के प्रति कर रहीं जागरूक

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राजनांदगांव। कभी घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी करने वाली राजनांदगांव जिले के ग्राम बागरेकसा की कविता निषाद ने खुद का व्यवसाय चलाकर गांव की अन्य महिलाओं के सामने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़ने के बाद वे आज सेनेटरी पैड निर्माण और कृषि दुकान का सफल संचालन करते हुए सालाना लगभग 5 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।


बिहान से जुड़ने से पहले कविता निषाद एक सामान्य गृहणी थीं। परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग के लिए वे मजदूरी करती थीं, जिससे रोजाना करीब 150 रुपये ही मिलते थे। इसी बीच गांव में बिहान की सीआरपी दीदियों ने महिलाओं को स्वसहायता समूह, नियमित बचत, ऋण और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। कविता ने गांव की 10 महिलाओं को एकजुट कर स्वसहायता समूह का गठन किया।


1 लाख के कर्ज से पैड मंगाकर बेचना किया शुरू


महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य व स्वच्छता से जुड़ी एक घटना से प्रभावित होकर उन्होंने इसी दिशा में काम करने का फैसला किया। बिहान से मिले 1 लाख रुपये के ऋण से उन्होंने दिल्ली और आगरा की कंपनियों से सेनेटरी पैड मंगाकर बेचना शुरू किया। शुरुआती दिक्कतों के बावजूद उन्होंने प्रयास जारी रखा।


नाबार्ड से मशीन मिली, मुद्रा योजना से खरीदी सेमी-ऑटोमेटिक यूनिट


कविता के प्रयासों को देखते हुए नाबार्ड के माध्यम से सेनेटरी पैड निर्माण की मशीन उपलब्ध कराई गई। इसके बाद 1 लाख रुपये का मुद्रा ऋण लेकर उन्होंने सेमी-ऑटोमेटिक मशीन खरीदी और खुद पैड निर्माण शुरू कर दिया। इसके जरिए वे आय के साथ ग्रामीण महिलाओं व किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैला रही हैं।


80 हजार के उद्यमी ऋण से खोली कृषि दुकान


एक व्यवसाय की सफलता के बाद उन्होंने 80 हजार रुपये का उद्यमी ऋण लेकर कृषि सामग्री की दुकान खोली। इससे स्थानीय किसानों को गांव में ही सामग्री मिलने लगी और आय का एक और जरिया बन गया। दोनों व्यवसायों से उनकी सालाना कमाई अब 5.20 लाख रुपये हो चुकी है।


सफल उद्यमी बनीं कविता निषाद ने अपनी इस प्रगति के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के सहयोग पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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