केवरी पंचायत ने गांव में लागू की पूर्ण शराबबंदी
OM Darpan
सामाजिक पतन रोकने को ग्रामीणों ने स्वेच्छा से छोड़ा शराब बनाने का कानूनी अधिकार
सरगुजा। सरगुजा जिले की ग्राम पंचायत केवरी ने सामाजिक पतन और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को देखते हुए गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है। पंचायत के इस निर्णय के बाद ग्रामीणों ने महुआ शराब बनाने और उसे अपने पास रखने का कानूनी अधिकार स्वेच्छा से छोड़ दिया है।
23 दिनों में 45 हजार जुर्माना
गांव में एक सितंबर से शराबबंदी का नियम प्रभावी हो चुका है। शुरुआती 23 दिनों के भीतर ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 लोगों पर कार्रवाई की गई है। पंचायत ने इन लोगों से कुल 45 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला है।
कानून से मिली थी विशेष छूट
छत्तीसगढ़ उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को घरेलू उपयोग के लिए पांच लीटर महुआ शराब रखने की छूट है। केवरी के ग्रामीणों ने शासन से मिली इस छूट को त्याग कर शराब उत्पादन पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है।
निर्माण और बिक्री पर कड़े दंड
पंचायत ने शराब के निर्माण और बिक्री पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना तय किया है। इसके अलावा शराब पीने वालों पर 1500 रुपये और नशे में विवाद करने या बाहरी गांव से पीकर आने वालों पर तीन हजार रुपये का दंड लगाया जाएगा।
विकास कार्यों में खर्च होगी राशि
लगभग 2500 की जनसंख्या वाले इस गांव में शराबबंदी का फैसला ग्रामसभा की सर्वसम्मति से लिया गया है। जुर्माने से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जाएगा। शराब बेचने वाले परिवारों ने भी अब यह धंधा बंद कर दिया है।
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