नक्सलवाद खत्म, अब बस्तर के घावों पर लगाएंगे मरहम
OM Darpan

अमित शाह ने दंतेवाड़ा में बांटे कृत्रिम अंग, 200 से अधिक सुरक्षा कैंप बनेंगे सेवा डेरा
दंतेवाड़ा/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि देश से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। अब हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों के उन गहरे घावों पर मरहम लगाना है, जो उन्हें पिछले पांच दशकों में नक्सली हिंसा से मिले हैं। वे गुरुवार को दंतेवाड़ा में आयोजित निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत इस तीन-दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी वर्चुअली शामिल हुए। शाह ने कहा कि बस्तर को फिर से हँसता-खेलता और समृद्ध बनाना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के 768 नक्सल पीड़ित व अन्य दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र बांटे गए।
8526 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर में अब तक 8 हजार 526 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। मुख्यधारा में लौटे इन लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार ने 7 हजार 328 बैंक खाते खोले हैं। साथ ही 4 हजार 14 आवास, 455 लोगों को नौकरी और 129 को जमीन आवंटित की गई है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2 हजार 308 आदिवासियों को कौशल-विकास का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
सुरक्षा कैंप अब कहलाएंगे सेवा डेरा
बस्तर में सुरक्षा बलों के लिए बनाए गए 500 से अधिक कैंपों में से 200 कैंपों को अब ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ में बदला जाएगा। शाह ने कहा कि जिन जगहों पर कभी जवान बैठकर सुरक्षा सुनिश्चित करते थे, अब वहां अधिकारी बैठकर बस्तर के विकास की नींव रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू हो चुका है, जहां स्थानीय लोगों को सिलाई-कढ़ाई और रोजगार की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इंद्रावती नदी पर 2000 करोड़ के प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नियद-नेल्लानार योजना से 500 से ज्यादा गांवों में सड़क और बिजली पहुंची है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे 80 हजार एकड़ कृषि भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए परिवारों को दो-दो गायें भी दी जा रही हैं।
मुन्ना और चंद्रैया के जीवन में लौटी उम्मीद
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। आईईडी ब्लास्ट में अपना पैर गंवा चुके सुकमा के पुलिस जवान मड़काम मुन्ना और बीजापुर के ग्रामीण चंद्रैया सपका ने कृत्रिम पैर मिलने पर खुशी जताई। जन्मजात अस्थि-बाधित अजय सोरी और कोसी पोडियाम को ट्राई-साइकिल दी गई, जिससे उनका दैनिक आवागमन अब सुगम हो सकेगा।
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