साइबर ठगी से निपटने के लिए एसटीएफ जवानों को मिला प्रशिक्षण
OM Darpan
मंत्री गजेंद्र यादव और एसएसपी विजय अग्रवाल ने जवानों को सिखाए डिजिटल सुरक्षा के गुर, 1930 हेल्पलाइन के प्रति किया जागरूक
✍️ ब्यूरो रिपोर्ट
दुर्ग। दुर्ग पुलिस लाइन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हॉल में एसटीएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों के तरीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
मंत्री गजेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अनजान व्यक्तियों से प्राप्त संदेश, फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध लिंक के मामले में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा न करें। मंत्री ने साइबर सुरक्षा के प्रति परिवार और समाज को भी जागरूक करने की बात कही। इस दौरान जवानों ने साइबर सुरक्षा की शपथ ली और मंत्री के साथ सामूहिक सेल्फी भी ली।
तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई पर जोर
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस की तकनीकी दक्षता को अनिवार्य बताया। उन्होंने जवानों को अपराध के बदलते स्वरूप के प्रति अपडेट रहने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। साथ ही, किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा द्वारा किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक नगर हर्षित मेहर, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) चन्द्रप्रकाश तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और एसटीएफ के जवान उपस्थित रहे। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।
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