गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। शासन का मुख्य ध्येय प्रत्येक नागरिक को सरकारी सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उनके घर के द्वार पर उपलब्ध कराना है। इसी संकल्प को पूरा करने में ‘सेवा-सेतु’ पोर्टल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय माध्यम साबित हो रहा है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से दर्जनों सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जनता के समय और धन की बड़ी बचत हो रही है।
घर बैठे मिला विवाह प्रमाण-पत्र
डिजिटल सुशासन का एक जीवंत उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड में देखने को मिला। यहां ग्राम सिवनी (सिलवारीटोला) के निवासी हितग्राही लवकुश मरावी ने सेवा-सेतु केंद्र के माध्यम से अपना ऑनलाइन विवाह प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। सेवा-सेतु ऑपरेटर खिलावन सिंह पोट्टाम ने पूरी प्रक्रिया को सहज और पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया। लवकुश मरावी को इस दस्तावेज के लिए किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़े और घर के नजदीक ही त्वरित सेवा प्राप्त हो गई।
दफ्तरों के चक्करों से मिली बड़ी राहत
हितग्राही लवकुश मरावी ने इस नई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले छोटे-छोटे दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे मजदूरी का नुकसान और मानसिक परेशानी होती थी। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस जनहितकारी पहल से काम बेहद आसान और त्वरित हो गया है। सेवा-सेतु पोर्टल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता ला रहा है, बल्कि सेवाओं के क्रियान्वयन को भी नई गति दे रहा है। मुख्यमंत्री के इन प्रयासों से ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की संकल्पना को धरातल पर मजबूती मिल रही है।









