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बरसात में टापू बनने वाले गांवों को मिलेगा बारहमासी रास्ता, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन के दो साल के भीतर दी बड़ी राहत
रायपुर/जशपुर:
बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले और कटे हुए संपर्क मार्गों के दर्द को समझते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के लिए खजाना खोल दिया है। जशपुरवासियों को एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात देते हुए सीएम साय ने जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 130 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है।
इस स्वीकृति के बाद अब जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों और 215 छोटे पुल-पुलियों का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले से सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, और बरसात में होने वाली आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
109 करोड़ से बनेंगे 22 हाई-लेवल ब्रिज
प्रदेश सरकार ने जशपुर जिले के प्रमुख मार्गों पर उच्चस्तरीय पुलों (High Level Bridges) के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इन पुलों के बनने से केराकोना, बैगाटोली, सन्ना और बगीचा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से कभी नहीं टूटेगा।
इन प्रमुख मार्गों की बदलेगी तस्वीर (स्वीकृत पुलों की सूची)
मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद जिन मार्गों पर उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण होगा, उनमें शामिल हैं:
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केराकोना–बैगाटोली
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चलनी–परसाडीपा
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अलोरी–मतलोगा
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जशपुर–सन्ना मार्ग
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जशपुर नगर मुख्य मार्ग
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बगीचा–आरा
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बगीचा–रेंगले
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कलीबा–टांगरबहार
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बांसापतरा–दुलदुला
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गुलझरिया–बम्हनी
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कुनकुरी–रनपुर
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भालुमुंडा–खजूरखाट
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बोडाझापर–चटकपुर
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धौरासांड–दाइजबहार
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डुमरबहार–तमता
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घुघरी–ढोढरअम्बा
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कोतबा–लवाकेरा
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दुलदुला क्षेत्र के विभिन्न मार्ग
गांव-टोले जुड़ेंगे मुख्य धारा से: 20 करोड़ से बनेंगे 215 छोटे पुल
सिर्फ बड़े पुल ही नहीं, मुख्यमंत्री ने गांव, टोला और पारा को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण को हरी झंडी दी गई है, जिस पर 20 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च होंगे।
इस निर्णय का सीधा लाभ स्कूली छात्रों, किसानों और मरीजों को मिलेगा। अब खेत, खलिहान, बाजार, स्कूल, अस्पताल और पंचायत मुख्यालय तक पहुंचना हर मौसम में आसान होगा। पहले जहां छोटी पुलिया न होने से रास्ता बंद हो जाता था, वहां अब बारहमासी आवागमन सुनिश्चित होगा।
सुशासन का असर: जान-माल की सुरक्षा और समय की बचत
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुशासन के दो वर्षों में यह एक बड़ा बदलाव है। बरसात में कई इलाकों का संपर्क टूटने से न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त होता था, बल्कि आवागमन भी जोखिम भरा हो जाता था। इन नए निर्माण कार्यों से जान-माल की सुरक्षा तो होगी ही, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति मिलेगी। दूरी और समय की बचत से जशपुर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा।









